रोज रोज जाम में फंसकर जिला वासी हो रहे हैं हलकान , ठोस पहल से जाम से मिल सकती है मुक्ति

डेस्क : बेगूसराय संपूर्ण जिला में जाम महा विकराल रूप धारण करता जा रहा है . जिससे रोजाना जिले वासियों को अपने कीमती समय काम करने के बजाय सड़क पर जाम में रेंगने में गुजारना पड़ रहा है। बेगूसराय जिला मुख्यालय के मेन रोड, काली स्थान, कचहरी रोड एनएच 31 के अलावा अन्य सभी गलियों में जाम ने कहर बरपा रखा है। साथ ही जिले के कई अनुमंडल क्षेत्र और नगर निकाय बलिया ,मंझौल, बरौनी, तेघड़ा इत्यादि जगहों पर भी जाम का कहर कुछ कम नहीं दिख रहा है।

बलिया में है तो खासकर जाम को लोग अपने रूटिंग में शामिल कर चुके हैं। बताते चलें कि जाम मानव जनित है यह कोई प्राकृतिक नहीं है। बावजूद इस को दूर करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर से कोई भी कारगर एवं ठोस पहल होता हुआ नहीं दिख रहा है। आपको बता दें कि सड़क पर जाम लगने की मुख्य वजह सड़क पर चलने वाले लोग ही होते हैं परंतु सड़क पर चलने वाले लोगों के द्वारा जाम कैसे लगता है यह देखना और दूर करना जिन लोगों की जिम्मेदारी है वह लोग अपनी जिम्मेदारी को ढंग से नहीं निभा पा रहे हैं।

जिसके कारण नियम और कानून को पालन करने वाले लोगों को भी जाम में फंस कर घंटों अपना कीमती समय व्यतीत करना पर रहा है। मंगलवार दोपहर बेगूसराय के कर्पूरी स्थान चौक पर ट्रैफिक पुलिस का जवान ट्रैफिक को संभालने में व्यस्त था तो वहीं रोड के दोनों तरफ खुली हुई दुकानों के सामने लगे हुए बाइक बेगूसराय में जिला प्रशासनिक व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा था । बात यहीं नहीं रुकती है बात शुरू कहां से होती है वह आपको बता दें कि बेगूसराय के मेन रोड में अधिकांश प्रतिष्ठानों के पास या तो पार्किंग की जगह नहीं है या फिर उन्होंने पार्किंग बनाना मुनासिब नहीं समझा ।

दुकान में खरीददारी करने वाले लोगों के बाइक दुकान के सामने सड़कों पर ही लगते है और आम लोग जाम से हलकान होते हैं। सालों से इस समस्या से निजात पाने के लिए कोई कारगर पहल होता नहीं दिख रहा है। कि नियमित समय अंतराल पर जाम से जब जिला हलकान होने लगता है तो कुछ दिनों के लिए ट्रैफिक व्यवस्था बनाई जाती है परंतु चंद दिनों में वो व्यवस्था भी ध्वस्त हो जाती है और फिर से लोग जाम को अपने रूटिंग में शामिल कर लेते हैं। बेगूसराय जिला मुख्यालय के तमाम सड़कों पर चलता फिरता ठेला के कारण भी जाम लगता रहता है।