15 हजार से कम सैलरी वालों के लिए केंद्र सरकार ने किया बड़ा एलान, मिलेगा ये फायदा…

डेस्क : लॉकडाउन के भीतर केंद्र सरकार ने ₹15000 से कम कमाने वालों के लिए बड़ी खबर दी है आपको बता दें कि हाल ही में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि ऐसे लोगों की सैलरी का 24 फ़ीसदी हिस्सा उनके पीएफ में जमा करा जायेगा। यह कार्य केंद्र सरकार करेगी साथ ही जहां पर 100 से कम लोग काम करते हैं वहां पर संकट की घड़ी में ईपीएफ से पैसा जरूर ले सकते हैं और सरकार जून, जुलाई और अगस्त को 12 फ़ीसदी भारत सरकार को देगी, जिसमें यह प्रावधान आगे लाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाये है उसका लाभ तकरीबन 22,000,00 कर्मचारियों को मिलेगा और साथ ही साथ नौकरी देने वाली संस्था के मालिक और संस्थान को भी भारत सरकार पैसा देगी।

इस प्रेस वार्ता में सीतारमण ने पांच आधार स्तंभ बताए हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि हमारा सारा ध्यान लेबर एंड लिक्विडिटी और लो पर होना चाहिए। जिसमें हम अपने लोकल ब्रांड को प्रमोट करें और उन्हें विदेशों तक पहुंचा सके उन्हें ग्लोबल बनाने व अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में शामिल करने पर हमें जोर देना चाहिए।गरीबों की मदद के लिए तकरीबन 41 करोड जनधन खाते के जरिए राशि भी पहुंचाई गई है और इसी के साथ-साथ गरीबों को मुफ्त में अनाज भी दिया गया है। आपदा की घड़ी में जिनके पास राशन कार्ड नहीं था उनको राशन भी दिया गया है। इसी संकट में सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि लॉकडाउन के दौरान कोई भी भूखा ना रह सके।

चलिए जानते है कुछ विशेष और अहम् बिंदुओं के बारे में

  • 15 हजार रुपये से कम वेतन वालों का ईपीएफ अगस्त तक सरकार देगी। 
  • 72 लाख कर्मचारियों को ईपीएफ में राहत। 
  • बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90 हजार करोड़ रुपये की मदद।
  • कर्मचारियों के लिए अगले तीन महीने यानि अगस्त तक 12 की जगह 10 फीसदी ईपीएफ योगदान। लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए 12 फीसदी ही रहेगा।
  • फायदे के लिए एमएसएमई की परिभााषा में बदलाव। 50 करोड़ के टर्नओवर वाली यूनिट को एमएसएमई मानेंगे। 10 करोड़ के निवेश को लघु उद्योग मानेंगे। 1 करोड़ निवेश, 5 करोड़ टर्नओवर वाली यूनिट को सूक्ष्म उद्योग मानेंगे। 
  • 100 करोड़ वाली एमएसएमई यूनिट को लोन में राहत मिलेगी।  
  • 45 लाख एमएसएमई को इससे फायदा होगा। 
  • एनपीए वाले एमएसएमई को भी मिलेगा लोन।

इस दौरान उन्होंने दाल बांटने का भी जिक्र करा है। साथ ही साथ अन्य अनाज की भी बिक्री की जिम्मेदारी उठाई है। सीतारमण का कहना है कि पीएम किसान उज्ज्वला योजना स्वच्छ भारत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं भारत अभियान योजना के जरिए सीधे लोगों के बैंक अकाउंट में रकम भेजी गई हैं, इन योजनाओं का फायदा सिर्फ और सिर्फ सरकार ने किसानों को दिया है जीएसटी से जुड़े जितने भी लघु उद्योग हैं उनके माध्यम से उनको फायदा जरूर मिलेगा।