CBSE बोर्ड की बची हुई परीक्षाओं को अपने ही स्कूल में देना होगा, शिक्षा मंत्री ने बताया कब आएंगे नतीजे

डेस्क : एक नेशनल टीवी चैनल पर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल द्वारा सीबीएसई बोर्ड के छात्रों की परीक्षा केंद्र से लेकर रिजल्ट तक के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी की सीबीएसई की बची हुई परीक्षा छात्रों के स्कूलों में ही होंगी ताकि उन्हें ज्यादा दूर ना जाना पड़े।

कॉपियों की चेकिंग चल रही है और आपको बता दें कि करीब डेढ़ करोड़ कॉपियों की चेकिंग 10 मई से चालू है जिनको शिक्षा मंत्री ने कहा था कि 50 दिनों के अंदर खत्म कर दिया जायेगा इसी के लिए मंत्रालय ने 3000 सेंटर भी बनवाए थे इन सेंटर से परीक्षकों के घर पर कॉपियों को भिजवा दिया गया है और बाद में कलेक्ट भी उन्हीं जगह से करा जायेगा। बोर्ड की लगातार यह कोशिश जारी है कि कॉपियों को जांचने का काम जल्द से जल्द पूरा हो साथ ही इनके नतीजों की घोषणा भी की जा सके।

क्या कहते हैं स्कूल खोलने के बारे में। निशंक का कहना है कि कुल मिलाकर 33 करोड़ छात्र हैं और उनके माता-पिता को भी अगर जोड़े तो 99 करोड़ बनते हैं ऐसे में सभी जानने के लिए उत्सुक है कि स्कूल कब खुलेगा और यह कब नहीं और अगर खुलेगा तो किस तरीके से पढ़ाई होगी हम अभी तक स्कूल खोलने के बारे में फैसला नहीं ले पाए हैं लेकिन एनसीआईटी को इसके बारे में फ्रेमवर्क बनाने का मौका दिया गया है जिसमें फ्रेमवर्क तैयार होते ही दिशा निर्देश दे दिए जाएंगे और स्कूलों को फिर से तौर-तरीकों से खोला जा सकेगा उनका कहना है कि छात्रों को स्वास्थ्य की प्राथमिकता मुहैया कराना हमारी पहली जिम्मेदारी है।

छात्रों के बीच में रखनी होगी उचित दूरी जिसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके और कोरोनावायरस जैसे घातक बीमारी दूर रह सके वहीं स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सीबीएसई की परीक्षा को लेकर चिंता जाहिर करी है उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य की सारी गाइडलाइन फॉलो करी जाएँगी।

कब आएगा रिजल्ट? टाइम्स नाउ के हिसाब से एचआरडी मिनिस्टर निशंक का कहना है कि कॉपियों की जांच की प्रक्रिया चालू हो गई है। इसके नतीजे जुलाई में घोषित कर दिए जाएंगे छात्रों की सुरक्षा के संबंध की बात करें तो उनको अभी घर पर ही रहने की हिदायत है और हालांकि गर्मियों की छुट्टियां भी चल रही है जिस वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा चरण फॉलो करा जा रहा है आपको बता दें कि मंत्रालय ने मिलकर गाइडलाइंस फ्रेम तैयार कर ली है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि टीचर्स की कॉपियों में जांच की प्रक्रिया चालू है जिनके ऊपर एकेडमिक और प्रशासनिक कार्यों को करने के लिए दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।