बेगूसराय का अल-सईद फाउंडेशन मियां बीवी के झंझट में करेगा पहल

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न्यूज डेस्क , बेगूसराय : मियां-बीवी के बीच बढ़ते झंझट एवं छोटी-छोटी बातों पर आत्महत्या की बढ़ती घटना पर अंकुश लगाने के लिए अल-सईद फाउंडेशन बेगूसराय ने अनोखी पहल करने का निर्णय लिया है. जानकारी अनुसार अधिवक्ता स्वर्गीय अख्तर बाबू के द्वारा अल-सईद फाउंडेशन का गठन किया गया था. जो उनके देहांत के बाद से निष्क्रिय हो गया था. परंतु वर्तमान में अख्तर बाबू के पुत्र अधिवक्ता मेराज अख्तर हाशमी ने उक्त फाउंडेशन के बैनर तले समाज में आए दिन हो रहे आपसी लड़ाई-झगड़े के साथ ही मियां-बीवी के बीच होने वाले झमेले को समाजिक स्तर पर दूर करने का वीरा उठाया है.

इसके लिए विधिवत नए सिरे से कमेटी का गठन किया गया है. श्री हाशमी ने बताया उक्त निर्णय छोटी-छोटी बातों पर आए दिन समाज के लोगों द्वारा आपसी झंझट-झमेला के बाद न्यायालय पहुंचने से रोकने के लिए लिया गया है. ताकि लोगों को न्यायालय के चक्कर एवं मुकदमे बाजी से बचाकर खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सके. जानकारी अनुसार उक्त कमिटी के द्वारा प्रथम बैठक क्षेत्र के पबड़ा गांव में रविवार को आयोजित की गई. जिसमें उक्त गांव निवासी मो सरमद एवं इनकी पत्नी अफसाना खातुन के बीच चल रहे विवाद का निपटारा करवाया गया. इस दौरान मौजूद अधिवक्ताओं एवं ग्रामीणों ने फाउंडेशन के पहल की सराहना की.

लोगों ने कहा अधिवक्ताओं के द्वारा लोगों को आगर सही मार्गदर्शन मिले तो एक हद तक लोगों को न्यायालय के गैर जरूरी चक्कर से बचाया जा सकता है. परंतु कुछ अधिवक्ताओं की टोली समाज की व्यापक हित को नजरंदाज कर अपने निजी स्वार्थ के मद्देनजर गैर जरूरी मुकदमे में भी लोगों को झोंककर अपनी जेब गर्म करने में लगे हैं. जिससे एक ओर जहां न्यायालय पर अधिक मुकदमे का बोझ पड़ रहा है. वहीं समाज में व्यमनसता फ़ैल रही है. मौके पर अधिवक्ता महबूब आलम, मो शकील अहमद, मो हसन इमाम, इंतखाब अहमद खान, शिक्षक मो शमीम, कारी मो ताहा सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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