बेगूसराय : गंगा नदी नदी के बढ़े जलस्तर से दर्जनों घरों में घुसा बाढ़ की पानी

Flood Begusarai

तेघड़ा (बेगूसराय) एक तरफ इस वर्ष मानसून के कमजोर पड़ने से प्रखंड वासियों को सुखार का माड़ झेलना पर रहा है। तो दूसरी और गंगा की तटवर्ती इलाके में गंगा नदी के जल स्तर में वेतमाशा वृद्धि से दियारा क्षेत्र के कई गांव के घरों में गंगा नदी की पानी घुसने से लोगों का जन जीवनप्रभावित हो रहा है। रविवार की सुबह प्रखंड के आधार पुर पंचायत के विनल पुर वार्ड संख्या 7 में 250 घरों में से लगभग दर्जनों घर में पानी घुसने से मोहल्ले में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।

वही पिछले दिन कटाव प्रीत के रूप में यहां के लोग महीनों से प्रभावित थे। जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि से जमीन दारी बांध पर पानी का दबदबा बढ़ गया है जिसके वजह से बांध में बने पानी निकासी गेट का दरवाजा बंद होने के बावजूद गेट से बाहर रहे पानी का प्रवाह विभागीय अभियंता पंकज सिंह के नेतृत्व में रोकथाम की व्यवस्था की जा रही थी। उस से भी बदतर स्थिति रात गांव पंचायत के भगवानपुर चक्की दियारा क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 एवं 14 की बनी हुई है। जहां 500 से अधिक धर गंगा की बाढ़ से प्रभावित हो गई है।

दर्जनों घर में पानी प्रवेश करने एवं गांव से आने वाले मुख्य पथ पर दो से 3 फीट पानी बहने से सड़क संपर्क टूट चुका है जिससे वहां के जनजीवन पर आसन्न खतरा विराजमान हो गया है। यह मोहल्ला पूर्णत:अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा बहुल क्षेत्र के रूप में राजनीति का आधार माना जाता है। अब वहां के लोग जीवन जोखिम में डालकर बह रहे पानी से गुजरने को विवश हें।यहां तक कि निजी विद्यालय में पढ़ रहे स्कूली बच्चे भी पानी पार कर अपने घर से विद्यालय जाने को विवश हें यह अनदेखी कभी भी भयंकर हादसे का सबब बन सकती है।

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इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर से अभी तक नाव तक की व्यवस्था नहीं की गई है।दूसरी ओर निचले क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, सोयाबीन ,हरा चारा ब धान की फसल गंगा के पानी में डूब जाने से पशुपालकों के बीच पशु चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। वहां के स्थानीय उप मुखिया मोहम्मद इब्राईल व वार्ड सदस्य उदय महतो ने बताया कि जल स्तर में यदि इस कदर लगातार वृद्धि होती रही तो इस क्षेत्र के लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकारी स्तर से अब तक डेंगी नाव तक व्यवस्था नहीं की गई है। पिछले वर्ष बाढ़ के समय प्रशासन द्वारा नाव की व्यवस्था की गई थी जिसका भुगतान 1 वर्ष बाद भी नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोग डरे और सहमे हुए हें। उन्होंने प्रशासन से नाव की व्यवस्था सहित बाढ़ पीड़ितों को राहत दिलाने एवं जान माल की सुरक्षा एवं पशुओं की व्यवस्था करवाने की मांग की है।