उत्तर बिहार व दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले बेगूसराय में गंगा पर बने राजेन्द्र सेतु पर फिर से सरपट दौड़ेगी सभी गाड़ियां

Rajendra Bridge

डेस्क : बेगूसराय और उत्तर बिहार का लाइफलाइन राजेन्द्र सेतु पर फिर से बड़े वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। वर्तमान केंद्र सरकार ने इसके रिपेयरिंग के लिए 80 करोड़ का फंड एलॉट किया है। बताते चलें कि 21 वीं सदी में इस पुल की मरम्मती में करोड़ों रुपया खर्च किया गया है। परन्तु कुछ साल ठीक होने के बाद स्थिति पूर्ववत हो जाती है। इसी कड़ी में पुल पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पर कई सालों रोक टोक लगने व हटने के बाद पिछले साल तक सुचारू रूप से उपयोग में था।

परन्तु पिछले साल फिर से इसपर भारी वाहनों की आवाजाही बन्द कर दी गयी थी। उत्तर से दक्षिण बिहार और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को देश की राजधानी से यह पुल जोड़ता है। देश की आजादी के बाद सिमरिया में गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल बेगूसराय के लिए वरदान स्वरूप मिला था । लेकिन साल 2000 के बाद पुल की हालत जर्जर होने लगी थी। ओवरलोडेड वाहन गुजरने से पुल के सड़क मार्ग का गार्डर लगातार कमजोर होता चला गया। उसकी स्थिति खराब हो गई तो इस पर सभी प्रकार के बड़े वाहनों के परिचालन को रोक दिया गया। इस रोक के कारण बड़े वाहन गांधी सेतु, पटना-दीघा पुल और विक्रमशिला पुल के रास्ते आने लगे। इस समस्या को वर्तमान सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गम्भीरता से लिया।

जिसके फलस्वरूप अब फिर से बिहार की औद्योगिक राजधानी कही जाने वाली बेगूसराय स्थित उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला एकमात्र पुल राजेंद्र सेतु के दिन बहुरने वाले हैं। पुल के मरम्मत के लिए केंद्र सरकार ने 80 करोड़ रुपए दिए हैं। केंद्र सरकार की इस पहल पर बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कहा कि ‘बेगूसराय पटना को जोड़ने वाले लाइफ लाइन सिमरिया पुल पर बड़ी गाड़ी का संचालन पिछले कई सालों से बंद है। पीएम मोदी जी और गडकरी जी को धन्यवाद देता हूं जो वर्तमान में कोरोना से लड़ाई के साथ-साथ विकास का भी काम कर रहे हैं, इस पुल की मरम्मत के लिए केंद्र द्वारा 80 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।’

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