बेगूसराय में करीब तीन लाख आबादी हुई बाढ़ से प्रभावित , DM बोले – आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन प्रतिबद्ध

DM Begusarai

न्यूज डेस्क: जिले में बाढ़ के कहर से लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। लोगों के घरों में बाढ़ के पानी प्रवेश कर चुका है। जिसके कारण वे छत पर रहने को विवश है। बता दे की जिले के कई गांवों ऐसे भी है, जिनका संपर्क प्रखंड क्षेत्र से टूट चुका है। जिससे लोगों को आवाजाही करने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा है। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नाव का परिचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बेगूसराय जिला अधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया की जिला प्रशासन जिले के बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। तथा इस दिशा में गंभीरता से कार्य किए जा रहे हैं।

सभी प्रभावित प्रखंडों में जरूरत एवं मांग के अनुरूप नावों का परिचालन कराए जाने के साथ-साथ विस्थापितों के लिए राहत शिविरों एवं सामुदायिक रसोईयों का संचालन किया जा रहा है। आगे उन्होंने बताया की जिले के बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद लोगों को पॉलिथिन शीट्स, दवाइयां एवं अन्य मेडिकल सुविधाएं आदि उपलब्ध कराने के साथ-साथ राहत शिविरों एवं सामुदायिक रसोईयों में आने वाले व्यक्तियों को कोविड-19 टेस्ट किया जा रहा है। ताकि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की पहचान होने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत चिकित्सीय कार्रवाई की जा सके। वही गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि ने मवेशियों के लिए भी चुनौती उत्पन्न किया है। जिसको ध्यान में रखकर सभी प्रभावित अंचलों में पशुचारा के साथ-साथ चिन्हित स्थलों पर पशु कैंप का भी संचालन किया जा रहा है। सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावितों तक आवश्यक सुविधाओं को संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराएं।

जिला पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया जिले में अब तक बाढ़ की चपेट में बछवारा, तेघरा, बरौनी,बेगूसराय मटिहानी,बलिया, साहेबपुर कमाल, शाम्हो प्रखंड आ चुके हैं। वही इन सभी प्रखंडों के कुल 48 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गए। जिसमें 22 गांव पूरी तरीके से डूब गए हैं। तथा आंशिक रूप से 26 गांव प्रभावित हुए हैं। आगे उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 2, 70,100 लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। वही लोगों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के तरफ से अबतक कुल 30 सरकारी तथा 277 निजी नाव चलाए जा रहे हैं। साथ ही साथ जिले में 132 सामुदायिक रसोई संचालित है। ताकि कोई भी लोग भूखा ना सोए।

आगे उन्होंने बताया प्रभावित अंचलों में राहत एवं बचाव के कार्य सुचारू रूप से चले इसके लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने आवंटित अंचलों में भ्रमण कर सभी कार्यों का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण कर रहे हैं। सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों को तटबंधों की सुरक्षा हेतु आवश्यक कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हुए प्रभावित लोगों के लिए चलाए जाने वाले राहत एवं बचाव के कार्यों का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त बाढ़ नियंत्रण प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को संबंधित नदियों के जलस्तर का अपडेट लेते रहने एवं तटबंधों की सतत निगरानी का निर्देश देते हुए कहा है।

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