बेगूसराय में यहाँ की जनता नल से जल के लिए इंतजार में बैठी है, नहीं टपक रहा सरकार के नल से जल

Nal Jal

न्यूज डेस्क , बेगूसराय : नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल योजना’ इस योजना के तहत बिहार के हर परिवार तक शुद्ध जल पहुंचाने का लक्ष्य किया गया था. लेकिन सुबे में सात निश्चय योजना का काम सही ढंग से पूरा भी नहीं हुआ कि सरकार की तरफ से सात निश्चय योजना पार्ट-2 का काम लागू हो गया. जी हां हम बात कर रहे हैं, “हर नल जल योजना” की. जो बिहार सरकार के द्वारा लगातार ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए जा रहे हैं. कि जल्द से जल्द सात निश्चय योजना कार्यक्रम के तहत हर घर नल योजना के कार्य को पूरा कर हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम पूरा किया जाए.

लेकिन जमीनी हकीकत देखने पर दांतो तले उंगलियां काटने की बात दिखाई देती है. जी हां मामला बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों की. जहां अभी तक हर एक पंचायत में 20% तक भी नल जल योजना का काम पूरा नहीं किया जा सका है. बताया जा रहा है, कार्य एजेंसी की धीमी चाल व जनप्रतिनिधि के लापरवाही के कारण ही अब तक कार्य में रुकावट आई है. कार्य इस तरह अधूरा है कि जहां पाइप बिछाने के लिए गड्ढा खोदा गया है. वहाँ ज्यों की त्यों ही अधूरा कार्य छोड़ दिया गया. जहां-तहां गड्ढा व खुले पाइप बिछाने के कारण लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है. वही मुखिया प्रतिनिधि के द्वारा लगातार जल्द ही काम पूरा करने की बात कही जा रही है.

कागजों में सिमट कर रह गई योजना:- सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल पहुंचाने की योजना कागजों तक सिमट कर रह गई है. इसकी बानगी पंचवीर पंचायतों के 19 वार्डों में देखने को मिल रहा है.आलम यह है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति की जाती है. लोग शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठे हैं. ज्ञात हो कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने नल-जल योजना की शुरुआत की. तब ग्रामीणों को लगा कि उन लोगों को भी शुद्ध पानी मिलेगा, लेकिन यह योजना अब दम तोड़ रही है. इसे लेकर लोगों में वार्ड क्रियान्वयन समिति के विरुद्ध काफी आक्रोश है.

सोलर स्ट्रीट लाइट का भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है:- तो वहीं दूसरी तरफ बिहार में गांवों के विकास को लेकर सरकार सात निश्चय योजना-2 के तहत सूबे के सभी गांवों में स्ट्रीट लाइट लगवाने के कार्य स्थानीय मुखिया को दिया गया था. लेकिन प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में जनता आस लगाए बैठी है. की आखिर कब हमारे पंचायत में स्ट्रीट लाइट से पंचायत जगमग आ उठेगा. लेकिन पंचायत चुनाव को देखते हुए ऐसा लगता है कि जनप्रतिनिधि अपने आने वाले चुनाव के लिए अपने वोट बैंक बनाने के चक्कर में व्यस्त हैं. ऐसा लगता है कि उन लोगों को सोलर लाइट योजना व हर नल जल योजना से कोई मतलब ही नहींं है. अपने अधूरे कार्य को करने के बाद चुनावी मैदान में उतरना चाह रहे हैं.

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