भारी बारिश के कारण किसानों के फसल बर्बाद चेहरे पर छाई मायुसी

नावकोठी (बेगूसराय) : प्रखंड क्षेत्र में सोमवार से तेज हवा के साथ हो रही बारिश से अधिकांश किसान के चेहरे पर मायुसी छा गई है। धान के पौधे गिरकर जमींन सो गए हैं। इसके गिर जाने से किसानो के किसान के किये हुए मेहनत पर पानी फिर गया है। मानसून के शुरुआत से ही समय-समय पर अच्छी बारिश होने के कारण किसानों ने व्यापक पैमाने पर धान की खेती की।

मौसम की अनुकूलता के कारण पौधों में विकास भी हुआ। पौधों में बालियों को देख किसानों के चेहरे पर ख़ुशी नजर आती थी। अच्छी पैदावार का अनुमान भी लगाया जा रहा था। पहसारा पूर्वी के अनिल कुमार महतो, रामनंदन महतो, रामचंद्र यादव, समसा के कृष्ण देव सिंह, राजदेव महतो हसनपुर बागर के शिवराज रजक, राजीव सिंह, नावकोठी के दीपक कुमार डफरपुर के जवाहर सिंह, रजनीश कुमार, रजाकपुर के अरविंद कुमार, छतौना के अजीत कुमार सिंह,पवन सिंह,नाथो सिंह,बेगमपुर के श्याम महतो, चक्का के योगेन्द्र महतो सहित सैकड़ों किसानों ने बताया कि धान में अभी बालियां निकली ही थी । इसके दाने अभी भरे भी नहीं थे।

प्रकति ने अपना रुख बदला बारिश के साथ तेज हवा के प्रभाव से पौधा जमीन पर गिरकर धराशायी हो गया । जिससे इसका लागत भी निकल पाना संभव नहीं लगता है। किसानों ने फसल क्षति मुआवजा की मांग कृषि पदाधिकारी से की है।कृषि समन्वयक मुकेश कुमार ने बताया कि धान की खेती के लिए अनुकुल मौसम रहने के कारण लगभग सौ हेक्टेयर में धान की खेती की गई थी। किसान सलाहकार क्षेत्र में फसल क्षति आकलन करने के लिए गए हुए हैं। उनके द्वारा प्रतिवेदन समर्पित करने के बाद ही क्षति का अंदाजा हो पाएगा।