May 19, 2022

इस हाइड्रोजन फ्यूल की तकनीक से पानी से चलने वाली गाड़ी में बैठ Nitin Gadkari पहुंचे संसद – जानें कैसे काम करती तकनीक

Nitin Gadkari

डेस्क : लोग इस वक्त इंधन का विकल्प तलाशने में लगे हुए हैं। इसी बीच एक ऐसे इंधन का विकल्प मिला है जिससे पर्यावरण ही नहीं बल्कि आम आदमी की जेब के लिए भी काफी फायदेमंद है, आपको बता दें की लंबे समय से भारत सरकार इस पर काम कर रही है। दरअसल अब सरकार की सारी नीतियां हाइड्रोजन फ्यूल की तरफ शिफ्ट होती नजर आ रही है।

सरकार ने हाइड्रोजन एनर्जी मिशन के लिए भी बड़े स्तर पर पैसा लगाया है। इसी के साथ-साथ सरकार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी भी चला रही है। अब हर महीने जिस प्रकार से आम आदमी पेट्रोल और डीजल के दाम से परेशान रहता है, उससे निजात पाने के लिए हाइड्रोजन फ्यूल एक अनोखा विकल्प साबित हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि जैसे ही हाइड्रोजन के जरिए फ्यूल को इस्तेमाल में लाया जाएगा तो बड़े स्तर पर पैसे की बचत होगी- अनुमान के मुताबिक 160 बिलियन डॉलर बच जाएंगे।

भारत की पहली हाइड्रोजन कार से नितिन गडकरी पहुंचे संसद, सांसदों ने की इस कार  की तारीफ » BeforePrint News | Hyperlocal News Hindi

भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के बड़े देश जैसे यूरोप, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, हाइड्रोजन फ्यूल तकनीक को अप्रूवल दे चुके हैं। आपको बता दें कि यह हाइड्रोजन स्वच्छता और पूर्ण रूप से प्रकृति में उपलब्ध नहीं है। इसको खोज कर निकालना पड़ता है, जिसके जरिए पानी में जो हाइड्रोजन के मॉलिक्यूल होते हैं उनको इलेक्ट्रोलिसिस नाम की प्रक्रिया से गुजारना होता है। जिसके चलते हाइड्रोजन अलग हो जाता है और ऑक्सीजन अलग हो जाती है इसके बाद हाइड्रोजन को इस्तेमाल में ले लिया जाता है।आखिर में प्राप्त की गई हाइड्रोजन को बड़े-बड़े टैंक में रख लिया जाता है और फिर इस्तेमाल किया जाता है। कई देश इस तकनीक को अपना चुके हैं और बेहतरीन तरीके से ट्रांसपोर्ट संभाल रहे हैं। ऐसे में अब भारत भी इसी दिशा में कार्यरत है।